हनुमान की भूमिका निभाने वाले बृजेश कुमार और दशरथ की भूमिका में सुधीर उपाध्याय।
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रामनगर की रामलीला जितनी प्रसिद्ध है उतने ही प्रसिद्ध हैं इसके पात्र। रामलीला में हनुमान जी की भूमिका निभाने के लिए पुलिस कांस्टेबल बृजेश कुमार तिवारी एक महीने के लिए अपनी नौकरी से अवकाश ले लेते हैं। वहीं दशरथ की भूमिका निभाने वाले सुधीर उपाध्याय रामलीला शुरू होने के दो माह पूर्व से ही दाढ़ी रखना शुरू कर देते हैं। रामलीला भर राजा के पात्र को छोड़कर अन्य कोई भी पात्र जूता चप्पल नहीं पहनता।
रामनगर की रामलीला में हनुमान का चरित्र बिहार पुलिस में कांस्टेबल के पोस्ट पर कार्यरत बृजेश कुमार तिवारी निभाते हैं। इसके लिए ये हर वर्ष अपने विभाग से एक माह की छुट्टी लेकर आते हैं। वहीं दशरथ की भूमिका निभाने वाले सुधीर उपाध्याय भूमिका के लिए वास्तविक दाढ़ी बढ़ाते हैं। इनके रामनगर स्थित घर को आज भी लोग दशरथ जी के घर के नाम से जानते हैं। श्रीराम वियोग की लीला में इनके आंसू स्वाभाविक रूप से आ जाते हैं।
पहली बार 'राम'और 'रावण' हैं पड़ोसी
रामनगर की रामलीला में यह पहली बार हुआ है कि राम और रावण की भूमिका निभाने वाले पात्रों के गांव काफी पास में हैं। यूं कहें तो दोनों पड़ोसी हैं। रामलीला में राम की भूमिका निभाने वाले दीपक पांडेय का गांव चंदौली के नियामताबाद विकासखंड का रंगौली है। वहीं महाराज रावण की भूमिका निभाने वाले राजू पाठक ही पास के गांव सुरौली से हैं।