चकिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इसके उपलक्ष्य में बुधवार को सिकंदरपुर स्थित शंकरपुर आराधना परिसर में सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्र को सशक्त बनाने के साथ समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश देना रहा।
सम्मेलन का शुभारंभ मां भारती के उत्थान और विश्व कल्याण की कामना के साथ किया गया। भारत माता की आरती और जयघोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और हिंदू एकता के भाव से ओतप्रोत हो गया। मुख्य वक्ता प्रांत गौ सेवा संयोजक अरविंद ने कहा कि राष्ट्र की संप्रभुता, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए हिंदू समाज का एकजुट होना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जागेश्वरनाथ धाम के महंत अनूप गिरी ने अपने संबोधन में राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वसुधैव कुटुंबकम् के आदर्श पर चलते हुए न केवल भारत को सशक्त बनाएगा, बल्कि पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और सहयोग का संदेश देकर भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों से सीख लेने की बात भी कही।
नारी शक्ति की ओर से वक्तव्य रखते हुए अनिता शर्मा ने कहा कि जब-जब हिंदू समाज संगठित हुआ है, तब-तब राष्ट्र ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। सम्मेलन में उपस्थित अतिथियों का सकल हिंदू समाज की ओर से अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पुस्तक भेंट कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर विधायक कैलाश आचार्य, ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव, अशोक द्विवेदी, सिकंदरपुर प्रधान सीमा गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता, जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सुषमा पटेल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व ग्रामीण उपस्थित रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता भानु प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन राजेश विश्वकर्मा ने किया।