टांडाकला स्थित गंगा नदी पीपा पुल को हटाकर निकाला जा रहा क्रूज। स्रोत:-जागरूक पाठक
टांडाकला। टांडा-कैथी घाट पर स्थित पीपा पुल पर बृहस्पतिवार की दोपहर बड़ा हादसा बच गया। वाराणसी से गाजीपुर की ओर जा रहे भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का क्रूज और ड्रेजिंग मशीनों के काफिले के गुजरने के दौरान पुल की रस्सियां टूट गईं। इससे करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा।
केंद्र सरकार के जलमार्ग प्राधिकरण के तीन क्रूज वाराणसी से गाजीपुर की ओर जा रहे थे। इनमें नदी की गहराई मापने और खुदाई करने वाली मशीनें भी शामिल थीं। एक क्रूज दूसरे खराब क्रूज को टोचन करके ले जा रहा था।डेजिंग मशीन के पीछे लोहे के लंबे पाइप पानी में तैरते जा रहे थे। इसी बीच तीसरा क्रूज पीपा पुल के पास से गुजरने लगा। क्रूज के साथ जुड़े लोहे के पाइप पीपा पुल की गिराबी और रस्सियों में फंस गए। क्रूज की रफ्तार तेज होने के कारण रस्सियां टूट गईं और पुल का एक हिस्सा अनियंत्रित हो गया।
क्रूज को रास्ता देने के लिए सुबह 11 बजे पीपा पुल खोल दिया गया था। इस प्रक्रिया और हादसे के कारण तीन जिलों को जोड़ने वाले पुर पर दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। पुल के दोनों ओर सैकड़ों वाहन और राहगीर फंसे रहे। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, ट्रेन पकड़ने वाले लोग, मरीज और स्कूली बच्चे भी फंसे रहे। घाट दरोगा दिन सिंह ने बताया कि हादसा बेहद गंभीर हो सकता था लेकिन समय रहते स्थिति संभाला ली गई। क्रूज की चपेट में आने से लोहे की गिराबी और रस्सियां पानी में डूब गई हैं, जिन्हें खोजने का प्रयास किया जा रहा है।