संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। चंदौली में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की रफ्तार पूरी तरह थमी हुई है। हालात यह हैं कि कहीं बीते छह महीने से सड़क अधूरी पड़ी है तो कहीं आठ महीने से काम शुरू ही नहीं हो सका।
टेंडर प्रक्रिया, प्रस्तावों की फाइलें और विभागीय सुस्ती के चलते सड़कें कागजों में तो दौड़ रही हैं, लेकिन जमीन पर जनता बदहाल रास्तों से गुजरने को मजबूर है। जर्जर सड़कों ने ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
चार कॉन्वेंट स्कूल और तीन अस्पताल जाने वाली सड़क बदहाल
धीना। लगभग पांच किलोमीटर लंबा कमालपुर–भैंसा मार्ग वर्षों से बदहाली की मार झेल रहा है। रखरखाव के अभाव में सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग पर चार कॉन्वेंट स्कूल और तीन अस्पताल स्थित हैं, जिससे प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
इसके अलावा धीना रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। सड़क पर बने गड्ढों में नाबदान का गंदा पानी भरा रहने से स्थिति और भयावह हो गई है। स्कूल समय में छात्र-छात्राओं को कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों से होकर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार आए दिन बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।ग्रामीण चंदन दुबे, शिवानंद दुबे, पुम्पूम दुबे, त्रिलोकी राय सहित अन्य लोगों ने बताया कि वर्षों से सड़क पर गंदा पानी जमा है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।