धीना के गोपालपुर में क्षतिग्रस्त मार्ग। संवाद
- फोटो : स्वयं
धीना। नक्सलियों से जंग लड़ते हुए दस वर्ष पहले अपने प्राणों की आहुति देने वाले सीआरपीएफ 205 कोबरा बटालियन के हवलदार गुलाब यादव की याद में बरहनी विकास खंड के गोपालपुर में स्मारक द्वार तो बना दिया गया लेकिन गांव तक जाने वाली सड़क आज भी क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग से आवागमन में लोगों को परेशानी हाेती है।
गोपालपुर गांव में 2 फरवरी 1974 में जन्में गुलाब यादव सीआरपीएफ की 205 कोबरा बटालियन में हवलदार के रूप में तैनात हुए। उनकी तैनाती बिहार के गया जिले में थी। 24 फरवरी 2015 को बिहार के गया जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में कांबिंग के दौरान नक्सलियों की ओर से बिछाई गई कोल माइंस में हुए विस्फोट में गुलाब यादव बलिदान हो गए। शासन की ओर से गुलाब यादव की स्मृति में अनेक विकास कार्य कराने का वादा किया गया।
इसी क्रम में जिला पंचायत की ओर से गांव में गुलाब यादव की स्मृति में प्रवेश द्वार बना दिया गया। इसके बाद अन्य कोई काम नहीं हुआ। स्थिति यह है कि स्मारक तक पहुंचने वाली सड़क अब तक टूटी, उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरी स्थिति में है। बरसात में यहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने कई बार बार-बार प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव ने बताया कि चिलबिली–कमालपुर मार्ग के अंतर्गत लगभग 400 मीटर तक आज भी खड़ंजा बिछा है। यह पूरी तरह टूट चुका है। इस संंबंध में जिला पंचायत अधिकारी अमित राज सिंह ने कहा कि खराब सड़क की शिकायत मिली है। जल्द ही जांच कराकर इसकी मरम्मत कराई जाएगी।