पीडीडीयू नगर। संपूर्ण क्रांति के आह्वान के समय लोक नायक जय प्रकाश नारायण ने बिहार और उससे सटे चंदौली सहित पूर्वांचल को मथ दिया था। उनके आह्वान पर युवा सड़कों पर उतर आए थे। समाजवाद की नींव को मजबूत करने के लिए उन्होंने जो नारा दिया और जिस तरीके से उनके इस जन आंदोलन को जनसमर्थन मिला वह आज भी प्रासंगिक है। युवा और छात्र आज भी उनकी विचारधाराओं से ओतप्रोत हैं।
चकिया नगर की रहने वाली परास्तनाक छात्रा किरन जायसवाल ने कहा कि जयप्रकाश नारायण अच्छे स्वतंत्रता सेनानी और कुशल राजनेता थे। जिनकी प्रेरणा से उनके रास्तों पर चलने से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
एलएलबी के छात्र अनुराग पटेल का कहना है कि जयप्रकाश नारायण ने ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ के नारों के साथ जब मैदान में उतरे थे। तो सारा देश चल पड़ा था। उनके इस आदर्शों से यह प्रतीत होता रहा कि मानो किसी संत के पीछे सारी दुनिया चल पड़ी हो, ऐसे महापुरुष के सानिध्य में उनके आदर्शों को जीवन में शामिल करना ही महत्वपूर्ण है।
पीडीडीयू नगर के रहने वाले छात्र अविनाश लखन का कहना है कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सबकी भागीदारी की जो जय प्रकाश नारायण की सोच थी वह अकल्पनीय थी। उनके सिद्धांतों और आदर्शों पर चलकर ही देश में खुशहाली लाई जा सकती है। छात्र किशन यादव कहते हैँ कि संपूर्ण क्रांति का आह्वान करने वाले लोक नायक जयप्रकाश नारायण ने अपने जन आंदोलनों से देश को एक नई दिशा दी। इससे देश में एक नई क्रांति का संचार हुआ।