कंदवा क्षेत्र के रेवसा गांव में बना उप स्वास्थ्य केंद्र (जच्चा-बच्चा केंद्र) विभागीय उपेक्षा के चलते बदहाल पड़ा हुआ है। इस केंद्र में कुछ लोग उपले और पशुओं का चारा रख रहे हैं। इससे गांव की महिलाओं को स्वास्थ्य उपकेंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जच्चा बच्चा केंद्र को अतिक्रमणमुक्त और मरम्मत कराकर सुचारू रूप से चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग के बाद रेवसा गांव में जच्चा-बच्चा केंद्र का निर्माण कराया गया। इससे गांव की महिलाओं को काफी सहूलियत मिलने लगी। इससे पूर्व जच्चा बच्चा केंद्र के अभाव में महिलाओं को छह किमी दूर पीएचसी बरहनी या नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैयदराजा की शरण लेनी पड़ती थी।
इसमें महिलाओं का समय व धन दोनों बर्बाद होता था। समय के अभाव में कई महिलाओं की जान पर भी बन आती थी। गांव में जच्चा - बच्चा केंद्र खुलने से महिलाओं को समय से दवा मिलने के साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य जरूरतें भी पूरा होने लगीं लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते केंद्र जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है।
गांव के कुछ लोगों ने केंद्र पर कब्जा जमाकर उसमें पशुओं का चारा और उपले रखने लगे हैं। इससे केंद्र अपने उद्देश्यों से भटकता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से समस्या के समाधान के लिए कई बार गुहार लगाई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
गांव के दुखहरण राय, पमपम राय, सिंह, पिंटू राय आदि ने जच्चा -बच्चा केंद्र को अतिक्रमणमुक्त कराकर सुचारू रूप से चलाए जाने की मांग की है।
13 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ही होता है प्रसव
बरहनी विकासखंड में कागजों में भले ही करीब तीन दर्जन उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं लेकिन केवल 13 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ही प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी, नवीन पीएचसी पई व सैयदराजा पीएचसी पर संचालित उपकेंद्र सम्मिलित हैं। वहीं सोगाई, भतीजा, चारी, नौबतपुर, सैयदराजा, सुढना, पिपरी, पौनी, छतेम, बरहनी,पई सहित कुछ अन्य उप स्वास्थ्य केंद्र बेहतर स्थिति में हैं।
मरम्मत की बाट जोह रहे कई स्वास्थ्य उपकेंद्र
विकासखंड के इमिलिया, पिपरदहा, कम्हरिया सहित करीब एक दर्जन गांवों में बने उप स्वास्थ्य केंद्र नव निर्माण व मरम्मत की बाट जोह रहे हैं। खस्ताहाल पड़े इन उपकेंद्रों से संबंधित गांवों की गर्भवती महिलाओं को गांव से दूर अन्य उपकेंद्रों या पीएचसी पर जांच व प्रसव के लिए जाना पड़ता है। इन गांवों के लोगों का कहना है कि यदि उपकेंद्रों का मरम्मत नव निर्माण हो जाए तो गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जांच सहित सामान्य प्रसव की सुविधा भी मिल जाती।
जर्जर व मरम्मत योग्य उपकेंद्रों को चिह्नित कर विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।उ म्मीद है जल्द ही मरम्मत व निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा-
डॉ. राजेश कुमार सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बरहनी।