जिन खेल मैदानों में क्रिकेट, फुटबाल,खो खो, कबड्डी और हॉकी जैसे खेल होने चाहिए वहां जानवरों की चहलकदमी और कूड़े के ढेर हैं। यही नहीं शाम होते-होते ये जुआरियों के अड्डे भी बन जाते हैं। बीपी हायर सेकंडरी स्कूल दुलहीपुर के खेल मैदान का यही हाल है। मैदान पर सूअर लौटते है। मैदान की स्थिति काफी बदहाल है।
बीपी हायर सेकंडरी स्कूल दुलहीपुर का खेल मैदान जुआरियों का अड्डा बन चुका है। वहीं बाउंड्री टूटी होने के चलते आवारा जानवर भी यहां डेरा जमाए रहते हैं। आस-पास रहने वाले लोगों ने इसे कूड़ेघर का रूप दे दिया है। खेल मैदान भी ऊबड़-खाबड़ है। यहां भी जानवर विचरण करते रहते हैं तो संसाधनों की कमी के चलते प्रतिभाएं भी आगे नहीं बढ़ पा रहीं।
जबकि इस विद्यालय में 800 सौ छात्र व छात्राएं शिक्षण लेते हैं तो वहीं दोपहर में छुट्टी के दौरान खेल ग्राउंड में खेलते भी है। हर साल बरसात में आसपास के गांवों का गंदा पानी इस खेल ग्राउंड आने के कारण पांच महीने जमा रहता है, जिसके कारण विद्यालय की चाहरदीवारी जगह जगह टूट कर गिर गई है।
इसके कारण क्षेत्र के बकरी ,सूअर, गाय और आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। जिस कारण इस विद्यालय के खेल में रुचि रखने वाले छात्र छात्राओं का प्रतिभा भी खत्म होने लगी है। दुर्भाग्यवश इस ओर न तो जिला प्रशासन न ही जनप्रतिनिधियों का ध्यान दे रहें है।
इस सम्बंध में विद्यालय के प्राचार्य किशोर कुमार ने बताया कि इस ग्राउंड में निरंतर राजनैतिक दलों का कार्यक्रम होता रहता है। इसकी सूचना विभाग व जनप्रतिनिधियों को दिया गया है। लेकिन अभी तक किसी ने सूध नहीं लिया है। इस खेल ग्राउंड में निरंतर आवारा पशुओं के आने के कारण बच्चों को खेलते समय वहां उपस्थित रहते हैं। ताकि कोई बच्चों को परेशानी न हो सके।