धान का कटोरा कहा जाने वाला चंदौली जनपद अब टमाटर की खेती में नया कीर्तिमान गढ़ने को तैयार दिखाई दे रहा है। ककरैत में टमाटर की फसल लहलहा रही है जिससे बड़े मुनाफे की उम्मीद है।
कर्मनाशा नदी के किनारे ककरैत गांव के खेतों में इन दिनों टमाटर की खेती लहलहा रही है। टमाटर की टहनियों व पत्तियों से जहां खेत हरे-भरे दिख रहे हैं वहीं फूल के साथ फल भी आने लगे हैं। फसल देख किसान काफी प्रफुल्लित हैं। किसानों का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो खेती से काफी अच्छा मुनाफा होगा।
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कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके में किसान बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करते हैं। इससे किसानों की जीविका चलने के साथ टमाटर की बिक्री से उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती है। सीजन में यहां का टमाटर यूपी सहित बिहार और झारखंड आदि प्रांत में जाता है।
किसान शिवलगन, मोहर, जग्गन, अंगद आदि ने बताया कि बंटाई पर खेत लेकर टमाटर की अगैती खेती की गई है। चालू सीजन में फसल अच्छी दिख रही है। एक एकड़ खेत में जोताई, बोआई, निराई, दवाई व सिंचाई में 20 से 22 हजार रुपये खर्च हुए हैं।
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सब कुछ ठीक रहा तो 60 से 70 हजार रुपया मुनाफा मिलने की उम्मीद है। टमाटर के बाद खेत में गर्मी की सब्जी नेनुआ, करेला, भिंडी, तरबूज व खरबूज की खेती की जाएगी।