डीएम कुमार प्रशांत से मिलकर समस्याओं से अवगत करते अधिवक्ता।
जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के प्रभारी संतोष कुमार पाठक और सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री वीरेंद्र प्रताप दाढ़ी के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कुमार प्रशांत से मिला। इस दौरान उन्होंने मुख्यालय भवन, न्यायालय भवन निर्माण और मुख्यालय स्थित उपनिबंधन कार्यालय में भ्रष्टाचार पर तत्काल लगाम लगाए जाने की आवश्यकता जताई।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चंदौली का तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन मुगलसराय को उपेक्षित किया जा रहा है, जबकि मुगलसराय में एशिया का सबसे बड़ा यार्ड, कोयला मंडी स्थापित है, जहां पर लोगों का आगमन अधिक होता है। मुगलसराय तहसील को बिलारीडीह में स्थापित कर दिया गया है, जो यहां के लोगों के साथ अन्याय है। यदि मुगलसराय में तहसील संचालित होती तो मुगलसराय क्षेत्र का विकास होता। जल्द ही मुगलसराय में तहसील भवन का निर्माण और जिला मुख्यालय भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। आरोप लगाया कि मुख्यालय स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सब रजिस्ट्रार द्वारा खुलेआम सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। इसका जब अधिवक्ताओं ने विरोध किया तो अधिकारीद्वय ने इसे रोकने की बजाय खुलेआम चुनौती दी। इसकी जांच कराई जाए। इसमें जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ हम सभी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर मनोज कुमार सिंह, दिलीप शर्मा, कृष्ण उपाध्याय, आनन्द शुक्ला, कमलेश चन्द्र पाण्डेय, बंटी पाठक आदि उपस्थित रहे।