पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर महिला एच्छिक ब्यूरो में आए मामले की सुनवाई करते सदस्य।संवाद
- जांच के बाद सदस्यों ने लौटाया, दी चेतावनी दोबारा ऐसे कृत्य पर दर्ज की जाएगी प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। पोता नहीं होने पर बहू से मारपीट के बाद झूठा आरोप लगाने के लिए सास रविवार को परिवार परामर्श की बैठक में पहुंच गई। जब परिवार परामर्श समिति के सदस्यों ने बहू से फोन पर बात की तो सच्चाई का पता चला।
सदस्यों ने महिला को चेतावनी दी कि दोबारा ऐसा किया तो प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। रविवार को परामर्श की बैठक में जब महिला ने बहू के सताने की बात कही तो सभी दंग रह गए। महिला ने बताया कि बहू मानसिक रूप से परेशान करती है, मुझे दिक्कत देने के लिए हर दिन कोई न कोई उपाय करती है। उधर मामले में जब बहु से सदस्यों ने जानकारी ली तो उसने बताया कि उसकी दो बेटियां हुई हैं। उसके बाद से उसकी सास मारपीट की। महिला ने अपने पास रखे साक्ष्य को सदस्यों को दिखाया। सदस्यों ने महिला को चेतावनी दी कि वह ऐसा दोबारा न करे।
वहीं एक मामले में युवक ने पत्नी पर अपने मां पिता के साथ रहने के जोर देने का आरोप लगाया। कहा कि इसको लेकर आए दिन उसे परेशान किया जाता है, वो पत्नी से अलग रहना चाहता है। सदस्यों ने दोनों पक्षों को सुलह कराने के लिए एक माह का समय देकर वापस भेजा।इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक 59 मामले सामने आए, इनमें से 6 सुलह हुए। सदस्यों ने एक मामले में दर्ज करने का निर्णय लिया गया। 13 मामलों को बंद किया गया। 39 में अगली तारीख दी गयी। निस्तारण में पदाधिकारी अर्चना उपाध्याय, शाहिद ने मामलों का निस्तारण किया। इस माैके पर महिला थाना प्रभारी कल्पना मिश्रा, एसआई समरजीत यादव, एसआई झिल्लू राम और महिला आरक्षी पूनम पाल माैजूद रही।