चहनिया। भुपौली पंप कैनाल से नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि नवंबर में भारी बारिश के चलते अभी खेतों में पर्याप्त नमी है। इस कारण गेहूं की बुआई दिसंबर के अंतिम सप्ताह व जनवरी के प्रथम सप्ताह में की गई। ऐसे में नहर में पानी छोड़े जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। लगभग 2 प्रतिशत किसान अपनी फसलों को भरने के लिए टेल पर पानी ले जाना चाहते हैं और कुलावे को खुला छोड़ दे रहे हैं। जिससे अन्य किसानों की फसलें डूब जा रही हैं, जिससे आए विवाद हो रहा
किसानों ने मौनी अमावस्या के बाद नहरों में पानी छेड़ जाने की मांग की ताकि गेहूं का पौधा भी कुछ मजबूत हो जायेगा और पानी को बर्दास्त कर लेगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग भूपौली कैनाल के अवर अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि किसानों की मांग पर नहर में पानी छोड़ा गया था। यह भी जानकारी हुई है कि कुछ फसलों को नुकसान हुआ।