नौगढ़। भरदुआ गांव में बुधवार को वन भूमि पर जोताई के लिए ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई। वन विभाग की टीम जब वन भूमि पर ट्रैक्टर से हो रही जोताई रोकने पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए वन कर्मियों को घेर लिया। ग्रामीण सरकारी गाड़ी को चार घंटे तक रोके रहे। पुलिस पहुंचने के बाद छोड़ा।
भरदुआ गांव के लहसुनिया बीट में कुछ लोगों द्वारा वन भूमि पर ट्रैक्टर से जोताई किए जाने की सूचना मिलने पर रेंजर मकसूद हुसैन टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने जोताई कर रहे ट्रैक्टर की चाभी निकाल कर कार्य रोकने का प्रयास किया। इस पर विरोध में उतरे ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ विरोध शुरू कर दिया और गाली-गलौज करने लगे। रेंजर ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने ट्रैक्टर छुड़ाकर वनकर्मियों को घेर लिया और मारपीट की कोशिश की। करीब 11 बजे वनकर्मियों की गाड़ी घेर ली और अपराह्न तीन बजे पुलिस के आने के बाद छोड़ी। घटना की जानकारी मिलने पर नौगढ़ थानाध्यक्ष रमेश यादव पुलिस के साथ पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि संबंधित भूमि पर वर्ष 2018 में वृक्षारोपण किया गया था। जिसे काटकर अतिक्रमणकारियों ने खेती शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपितों को थाने बुलाया गया है। रेंजर मकसूद हुसैन ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा, वन भूमि पर कब्जा और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।