पीडीडीयू नगर। दिसंबर का पहला सप्ताह बीतने वाला है लेकिन जिले में ठंड का असर काफी कमजोर है। शुकवार को अधिकतम दो डिग्री और न्यूनतम एक डिग्री पारा गिरा। बृहस्पतिवार को अधिकतम 27 जबकि न्यूनतम 12 डिग्री तापमान रहा। वहीं शुक्रवार को अधिकतम 25 और न्यूनतम 11 डिग्री तापमान रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस मौसम में बारिश ठंड को बढ़ाने के लिए जरूरी होती है जो पूरी तरह से पश्चिमी विक्षोभ पर निर्भर है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित नहीं कर पा रहा है। इससे आगामी नौ दिसंबर तक तापमान के 26 डिग्री से नीचे जाने की संभावना नहीं है।
आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले दिसंबर माह में इस वर्ष भी उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाओं की कमी से कड़ाके की ठंड की शुरुआत नहीं हो सकी है। जिले का तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने और पछुआ हवा चलने के बावजूद ठंड का असर नहीं बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि ठंड नहीं पड़ने का असर गेहूं की खेती पर भी पड़ सकता है। दिसंबर माह का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोहरे का असर नहीं दिख रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि दिसंबर माह में असामान्य रूप से ज्यादा तापमान सेहत से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है। खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। वहीं लंबे समय तक गर्म मौसम मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बनाता है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ जाने के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में ठंड का असर कमजोर चल रहा है। आगामी सोमवार से न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी जबकि अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।