नियामताबाद। मोहनसराय के धांगणबीर मंदिर में मंगलवार सुबह पति ने पत्नी और उसके प्रेमी की शादी करवा दी। पत्नी और प्रेमी को वरमाला पहनवा कर सिंदूर दान भी कराया। एक दिन पहले पति ने पत्नी और प्रेमी को कमरे में पकड़ा था, जिसके बाद मंदिर में विधिविधान से रस्म पूरी कराई। जोड़े को मंदिर से शादी का प्रमाणपत्र भी दिया गया।
विज्ञापन
मिर्जापुर के अहरौरा निवासी पति और चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र की दुल्हीपुर की रहने वाली महिला की शादी 25 साल पहले हुई थी। बीच में पति से अनबन के बाद महिला चंदौली के हमीदपुर में किराये के मकान में रहने लगी। पति को पत्नी और उसके प्रेमी 50 साल के सियाराम यादव पर शक था, जिस पर उसने जासूसी शुरू की। सोमवार को पति को भनक लगी कि पत्नी किसी व्यक्ति के साथ कमरे में है। पति मौके पर जा पहुंचा और दोनों को एक साथ पकड़ लिया। पति ने परिजनों और साथियों को घर बुलाया। जानकारी पर राजातालाब पुलिस भी पहुंच गई। दोनों पक्षों को चौकी पर लेकर पहुंची और मंदिर से शादी का फैसला लिया गया। पति के परिजन और प्रेमी के परिवार वाले भी मंदिर पहुंचे। मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह मामला उनके समक्ष सोमवार की दोपहर में आया था। प्रकरण जानने के बाद महिला को समझने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी, जबकि प्रेमी को भी समझाया गया। दोनों शादी की जिद पर अड़े रहे। तब दोनों की शादी कराई गई। पुजारी ने बताया कि हनुमान मंदिर परिसर में पीछे शंकर जी का मंदिर है, जहां विवाह समेत मांगलिक कार्यक्रम होते हैं। विवाह करने वाले जोड़े को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। पुजारी ने बताया कि दंपती की दो संतान है। बेटी की शादी हो चुकी है। बेटा 20 साल का है। वह अपने पिता के साथ रहने को तैयार है।