चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को खाद्य विपणन विभाग के साथ अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बैठक की। बैठक में मिलरों पर बकाया चावल (लेवी) की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों से कहा कि ऐसे मिलरों को चिह्नित करें। साथ उन्होंने शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले राइस मिल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट तलब की। चेताया कि बकाया चावल की अदायगी जल्द नहीं हुुई तो ऐसे लोगों के लाइसेंस को निलंबित किये जाएगो।
जिले में मिलरों पर एफसीआइ का चार हजार एमटी चावल बकाया है। राइस मिल संचालक एफसीआई को चावल देने में आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने मिलरों से चावल की रिकवरी के निर्देश दिए। वहीं जरूरत पड़ने पर मिलरों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया। एडीएम ने कहा कि किसानों की ओर से खरीदे गए धान को दराई के लिए मिलरों को दिया था। इसके बदले मिलरों को दराई शुल्क दिया जाता है। मिलरों को धान की दराई कर एफसीआइ को चावल भेजना था। लेकिन कुछ मिलरों ने चावल दे दिया। लेकिन करीब एक दर्जन मिलरों ने अभी तक चावल नहीं दिया है। इसके चलते परेशानी हो रही है। कहा कि पांच राइस मिलर संचालकों पर करीब 1100 एमटी, सैयदराजा के दो मिलरों पर 250 एमटी, सकलडीहा के तीन मिलरों पर करीब 275 एमटी, चकिया, शहाबगंज व धानापुर के आधा दर्जन से अधिक मिलरों पर करीब दो हजार एमटी चावल बकाया है। चार माह बीतने के बावजूद मिलरों ने धान की दराई कर चावल नहीं दिया। इसको लेकर खाद्य व विपणन विभाग कई बार निर्देशित कर चुका है। लेकिन मिलरों पर इसका कोई असर नहीं। कहा कि मिलरों से हर हाल में चावल की रिकवरी की जाएगी। खाद्य व विपणन अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव को ऐसे मिलरों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। इस दौरान अनूप श्रीवास्तव, दीपक पांडेय, एसएन गुप्ता, रामप्रसाद उपस्थित रहे।