कई किसानों को सिंचाई के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। वहीं लगातार गिरते भू-गर्भ जलस्तर से पेयजल संकट भी गंभीर रूप लेता जा रहा है।
गंगा की सहायक नदी के रूप में पहचानी जाने वाली कर्मनाशा नदी के जलस्तर को बढ़ाने के लिए किसानों ने जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक शिकायतें कीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसका खामियाजा किसानों को जल संकट के रूप में भुगतना पड़ रहा है। शासन के निर्देश पर जल संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम तो आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन कर्मनाशा नदी में साल-दर-साल जल संकट और अधिक गंभीर होता जा रहा है।
किसानों का कहना है कि पहले इस नदी से यूपी और बिहार दोनों राज्यों के किसानों को सिंचाई और पशुओं के लिए पर्याप्त पानी मिलता था।
गाजीपुर के बारा में गंगा में मिलती है कर्मनाशा ः कर्मनाशा नदी कैमूर की पहाड़ियों से निकलकर सोनभद्र और चंदौली से होकर गुजरती है। लगभग 192 किलोमीटर लंबी यह नदी गाजीपुर जनपद के बारा गांव के पास गंगा नदी में मिलती है। यही नदी उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा भी निर्धारित करती है।