जिला महिला अस्पताल में शनिवार की सुबह गर्मी होने पर पंखा चालू करने के लिए स्वीच दबाना तीमारदार को भारी पड़ गया। आरोप है कि बोर्ड की दो तीन स्वीच दबाने पर गार्डों ने तीमारदार की बेल्ट और डंडे से पिटाई कर दी। अहमदपुर छावनी निवासी राकेश प्रजापति की पीठ पर चोट के निशान पड़ गए। गर्भवती पत्नी संजना गार्डों के सामने पति को छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं, लेकिन गार्डों ने उसकी एक नहीं सुनी। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। तीमारदार की पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। पीड़ित राकेश ने आरोपी दोनों गार्डों के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर दी है। इधर पुलिस ने पीड़ित राकेश का मेडिकल कराने के बाद कार्रवाई में जुट गई है।
पीड़ित राकेश प्रजापति ने तहरीर में बताया कि शुक्रवार की शाम गर्भवती पत्नी संजना का रक्तचाप बढ़ गया। इसके बाद वह पत्नी को इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टर ने उसकी हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। रात में राकेश और उसकी बहन उसके साथ थीं। शनिवार की सुबह डॉक्टर के आने पर संजना को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा गया। इसी दौरान राकेश की बहन खाना बनाने के लिए घर चली गई। गर्मी होने पर राकेश ने पंखा चलाने के लिए स्वीच दबा दबा रहा था। पंखे की स्वीच की जानकारी नहीं होने के कारण उसने दो-तीन स्वीच दबा दी। आरोप है कि इसी बात को लेकर वहां तैनात गार्ड उससे विवाद करने लगे। राकेश ने विरोध किया तो मामला बढ़ गया। वहां मौजूद तीन में से दो गार्डों ने बेल्ट और डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। राकेश का आरोप है कि गार्डों ने सभी मरीजों को वार्ड से बाहर कर दिया।
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प्रकरण संज्ञान में है। अस्पताल में मारपीट हुई है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। जांच में जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. संदीप सिंह, प्रभारी सीएमएस