पीडीडीयू नगर। नई सट्टी से होकर काली महाल होते हुए गंगा नदी तक जा रहे गंदे नाले की अधूरी सफाई कर छोड़ दिया गया है। नई सट्टी से लेकर शाहकुटी तक सफाई की गई है और इसके आगे की सफाई नहीं हो पाई है। नाले के किनारे गिट्टी और बालू का कारोबार करने वालों का कब्जा है। नाला सिल्ट से भरा होने के कारण बजबजा रहा है। नाले की अधूरी सफाई से लोगों में नाराजगी है।
नई सट्टी से होते हुए गंगा नदी में एक बड़ा नाला गिरता है। करीब चार किमी लंबे नाले में रेलवे और नगर की काफी बड़ी आबादी का गंदा पानी गिरता है। हर बार बारिश से पहले इसकी सफाई रेलवे की ओर से कराई जाती है। इस कार्य में नगर पालिका की ओर से भी मदद की जाती है। नाले के किनारे सब्जी के अलावा ईंट और बालू आदि का कारोबार करने वाले कई लोगों का कब्जा है। इसके चलते नाले की ठीक तरीके से सफाई नहीं हो पाई है। हालांकि विभाग की ओर से नई सट्टी से लेकर शाहकुटी तक नाले की सफाई कराई गई है। इसके आगे नाले की सफाई नहीं की गई है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के डीडीयू मंडल के सीनियर डीसीएम राजीव रंजन का कहना है कि नाले की सफाई ठीक तरीके से कराई जाएगी। जहां से कार्य अधूरा छूटा है, उसे पूरा कराया जाएगा।