महिला शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर शिक्षा प्राप्त कर वे कदम से कदम मिलाकर विकास की ओर अग्रसर हो रही हैं।
शिक्षित
महिलाओं से ही देश का विकास संभव है। ग्रामीण क्षेत्रों की माताएं अपनी
बच्चियों को शिक्षा से जोड़ रही हैं। शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ना शुभ
संकेत है।
इस विद्यालय की छात्राओं को देखकर ऐसा लगता है कि छात्राएं भी
कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। उक्त बातें टांडा कला स्थित सरस्वती इंटर
कालेज के परिसर में शुक्रवार को विद्यालय के संस्थापक स्व. रामकृष्ण
श्रीवास्तव की 91 वीं जयंती के अवसर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे ने कहीं।
उन्होंने
कहा कि भारत गांवों में बसता है और गांधी जी के भारत की आत्मा भी गांव ही
हैं। कहा कि भारतीय परंपरा में नारी प्रथमा है। जिसके महत्व को नजरअंदाज
नहीं किया जा सकता।
इसलिए हमें अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए और अधिक
से अधिक महिलाओं को शिक्षित कर मूल धारा से जोड़ने का प्रयास किया जाना
चाहिए। कहा कि विद्यालय के संस्थापर स्व. रामकृष्ण श्रीवास्तव द्वारा कालेज
स्थापना के लिए किए गए प्रयासों से क्षेत्र के बालक बालिकाओं को शिक्षा का
अवसर मिल रहा है।
यह इस क्षेत्र के बहुत बड़ी उपलब्धि है। छात्राओं द्वारा
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर डा. गया सिंह, डा.
धनंजय सिंह, त्रिपुरारीशरण श्रीवास्तव, कमलेश लाल आदि मौजूद रहे।