ताराजीवनपुर। अलीनगर थाना के सरेसर गांव में विवाहिता ज्योति पाल (25) का शव शुक्रवार की सुबह घर में फंदे से लटकता मिला। विवाहिता के पति की मौत चार वर्ष पहले हो चुकी है और वह अपने चार वर्षीय बेटे के साथ गांव के बाहर मड़ई में रहती थी। मौके पर पहुंचे मायके वालों ने ससुराल वालों पर ज्योति की हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और आगे की कार्रवाई शुरू की है।
धानापुर थाना के बभनियाव गांव निवासिनी ज्योति पाल की शादी लगभग सात वर्ष पहले सरेसर गांव निवासी अनिल पाल से हुई थी। हिंदुस्तान पेट्रोलियम में काम करने के दौरान चार वर्ष पहले अनिल की दुर्घटना में मौत हो गई। उस समय ज्योति गर्भवती थी। अनिल पाल की मौत के बाद ठेकेदार और कंपनी की तरफ से लगभग 12 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। मुआवजे की रकम का तीस प्रतिशत माता पिता और 70 प्रतिशत राशि ज्योति को दिया गया था। इसी पैसे को लेकर सास ससुर और ज्योति के बीच विवाद हो रहा था।
विवाद बढ़ा तो ज्योति ने सास, ससुर और देवर घर से अलग गांव के बाहर चार वर्षीय बेटे अंशुल के साथ मड़ई लगाकर रहना शुरू कर दी। वह कपड़ा सिलाई कर गुजारा करती थी। शुक्रवार की सुबह गांव की महिला कपड़े सिलवाने के लिए आई तो मड़ई का दरवाजा बंद मिला। शक होने पर अंदर झांक कर देखा तो ज्योति फंदे से लटक रही थी। यह देख कर उसने शोर मचाया तो आस पास के लोगों की भीड़ जुट गई। मौजूद लोगों ने इसकी सूचना ज्योति के मायके वालों और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। इस पर पुलिस ने परिवार के कुछ सदस्यों का हिरासत में ली है। इस संबंध में अलीनगर थानाध्यक्ष सत्येन्द्र विक्रम ने बताया कि विवाहिता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मायके वालों की तहरीर के आधार पर जांच पड़ताल की जा रही है।
ताराजीवनपुर। ज्योति की मौत के बाद चार वर्षीय मासूम बेटे अंशुल का पालन पोषण कौन करेगा, इसको लेकर पूरा गांव चिंतित दिखा। अंशुल जब गर्भ में था तभी उसके सिर से पिता का साया उठ गया। अब चार वर्ष का होने पर मां की मौत हो गई। घर के बाहर लोगों की भीड़ देख और मां को लेटे देख उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। उसकी स्थिति को देख कर मौजूद लोगों के आंखों के आंसू छलक जा रहे थे। संवाद