एजेंसीसकलडीहा। चकिया के लतीफशाह के समीप कर्मनाशा नदी में नहाते समय शनिवार की शाम डूबने दो किशोरों के शवों का रविवार को गमगीन माहौल में दफन किया गया। इसके पूर्व कस्बा में दो किशेारों का जनाजा एक साथ निकला। इसे देख कर लोगो के कलेजे दहल गए। वहीं दो किशोरों की मौत के बाद रविवार को मुस्लिम बस्ती में मातम पसरा रहा।
कस्बा के आकाश सोनकर, हसरत हासमी, हाफिज अफजल, आरिफ, वसीम अहमद, असलम हासमी के साथ समीर और एखलाख सहित आठ दोस्त शनिवार को ईद की नमाज अदा करने के बाद लतीफशाह घूमने गए थे। नहाते समय कर्मनाशा नदी में समीर पुत्र कलामुद्दीन और एखलाक पुत्र शाबिर गहरे पानी मे डूब गए। काफी खोजबीन के बाद दोनों के शवमिले। शनिवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौप दिया। रविवार को कस्बा के अलग अलग कब्रिस्तान में दोनों किशोर और युवक का शव दफन किया गया। इस दौरान पूरे दिन मुस्लिम बस्ती में गमगीन माहौल रहा।
सकलडीहा कस्बा के जामा मस्जिद के पास रहने वाले आकाश सोनकर ,हसरत हासमी,हाफिज अफजल, आरिफ,वसीम अहमद,असलम हासमी के साथ समीर और एखलाख लतीफ शाह में स्नान कर रहे थे। इसी बीच हसरत हासमी ,आरिफ सिद्दीकी, समीर,एखलाख और वसीम अहमद ड्रेन में नहा रहे थे। समीप में खड़ा आकाश सोनकर ने डूबते हुए हसरत हासमी,अफजल और आरिफ सिद्दीकी को गंजी और गमझा फेककर किसी तरह बचा लिया। लेकिन समीर और एखलाक को बचा नहीं पाने का अफसोस जता रहा था।