चंदौली के नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बने अस्थाई पुल का खिसकने लगा किनारा।
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सैयदराजा। नौबतपुर के समीप कर्मनाशा नदी के पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बनाए गए अस्थाई पुल वाहनों के दबाव की वजह से आधार खिसकने लगा है। इससे सड़क खराब होने की आशंका हो गई है। वहीं क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का काम भी लॉकडाउन की वजह से रुका है। इसी तरह कर्मनाशा नदी पर बने पुराने पुल के मरम्मत का काम भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में मानसून के पहले ही एक बार फिर रास्ता बाधित होने की आशंका है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर कर्मनाशा नदी पर वर्ष 2009 में पुल से आवागमन शुरू किया गया था। इसके बाद कर्मनाशा नदी पर बने पुराने पुल से आवागमन को रोक दिया गया। 28 दिसंबर 2019 की सुबह पक्का पुल के क्षतिग्रस्त होने पर आवागमन रोक दिया गया। बाद में लोगों की सुविधा के लिए चार माह पहले क्षतिग्रस्त पुल के दोनों तरफ अस्थायी पुल का निर्माण कराया गया। यही नहीं इंजीनियरों की जांच पड़ताल के बाद क्षतिग्रस्त पुल के मरम्मत का काम भी शुरू किया गया। वहीं मानसून के पूर्व आवागमन सुचारू रखने के लिए अंग्रेजों के समय में बनाए गए पुल की मरम्मत की भी योजना बनाई गई।
मानसून के पहले ही अस्थायी पुल के किनारे की मिट्टी खिसकने लगी है। बुधवार को छह से सात फूट तक मिट्टी खिसक गई। यदि इसी तरह मिट्टी खिसकती रही तो कभी भी पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो एक बार फिर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उड़ीसा का सड़क संपर्क टूट जाएगा। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्थायी पुल से प्रति दिन बिहार से ओवरलोड बालू लदे वाहन यूपी में आ रहे हैं। इस संबंध में एनएचआई के टेक्निकल मैनेजर नागेश सिंह ने बताया कि लगता है कि पानी के बहाव के वजह से मिट्टी खिसकी है। इसे ठीक करा लिया जाएगा।
पुराने पुल पर जल्द ही होगा लोड टेस्टिंग
कर्मनाशा नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत में हो रही देरी को देखते हुए ब्रिटिश काल में बने पुल की मरम्मत की जा रही है। इसी माह इस पर लोड टेस्टिंग किया जाएगा। एनएचआई के टेक्निकल मैनेजर नागेश सिंह ने कहा कि पुल की मरम्मत अंतिम चरण में है। इसी माह के अंत में लोड टेस्टिंग किया जाएगा। इसके बाद इसे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। फोर लेन के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का काम भी शुरू हो गया है। जैक बेलगाम कर्नाटक से आ गया है। जर्मनी से आने वाला सामान भी शिप में लोड होकर चल दिया है। 15 से 20 दिन में साइट पर पहुंच जाएगा। इसके बाद मरम्मत में तेजी आएगी। हालांकि पक्का पुल मानसून से पहले चालू नहीं हो पाएगा।