रामपुर गांव में बंदरों का आतंक है और ग्रामीण खौफजदा हैं। तीन दिनों में नौ महिलाओं को बंदर अपना शिकार बना चुके हैं और अब इन्हें काबू करने के लिए वन विभाग का सहारा लिया जा रहा है।
कंदवा क्षेत्र के रामपुर गांव में बंदरों का आतंक ग्रामीण खौफजदा हैं। तीन दिनों में बंदरों ने नौ महिलाओं को अपना शिकार बनाया। उन्हें काट कर जख्मी कर दिया। महिलाओं का उपचार बरहनी पीएचसी, जिला अस्पताल चंदौली और वाराणसी में किया जा रहा है।
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बंदरों के काटने से गीता देवी (50), उर्मिला देवी (55), प्रतिभा देवी (62), गिरिजा देवी (70), शशिकला देवी (45), चिंता देवी (45), धर्मशीला (53), निर्मला देवी (63) और अनिता (56) गंभीर रूप से जख्मी हो गई हैं। कंदवा चौराहा, धीना बाजार, अमड़ा, पिपरदहा और पई गांव के लोग भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं।
रामपुर गांव के दुर्गादत तिवारी, हंसलाल शर्मा, अविनाश तिवारी, योगेंद्र खरवार, शरदेंदु शेखर तिवारी, शिवशंकर तिवारी आदि ने कहा कि बंदरों के उत्पात से पूरा गांव परेशान है। बंदर झुंड बनाकर कर घर की छतो पर घूम रहे हैं, महिलाओं और बच्चों को अपना शिकार कर रहे हैं। गांव के लोगों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने की मांग की है।