कार्यालय में पूछताछ करते डीएम।
जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान महत्वपूर्ण अभिलेख अपूर्ण होने और समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में नहीं होने पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी सहित कार्यालय के सभी दस कर्मचारियों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने और समाज कल्याण अधिकारी को कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने पर प्रतिकूल टिप्पणी जारी करने का निर्देश दिया।
समाज कल्याण कार्यालय के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों पर डीएम ने दोपहर बाद कार्यालय का निरीक्षण किया। उस दौरान समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव कार्यालय में उपस्थित नहीं थीं। कर्मचारियों ने बताया कि वे चकिया गई हुई हैं। डीएम ने कार्यालय के बाबुओं से पेंशन, छात्रवृत्ति सहित अन्य अभिलेखों की मांग की। कर्मचारी कई अभिलेख दिखाने में असमर्थ रहे, जो रजिस्टर दिखाए वह भी अपूर्ण थे। जिलाधिकारी ने शासन की योजनाओं के बारे में पूछा, जिसका कर्मचारी सही उत्तर भी नहीं दे सके। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से डीएम काफी नाराज हुए। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव सहित कार्यालय के सभी दस कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश जारी किया। कहा कि दो सप्ताह बाद पुन: कार्यालय का निरीक्षण कर अभिलेखों की जांच कराई जाएगी। यदि सबकुछ ठीक रहा तो ही कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाएगा। डीएम ने कार्यालय में आए फरियादियों की समस्या भी सुनी और कर्मचारियों को हिदायत दी कि बगैर भेदभाव के सभी की समस्या का समाधान करें।