चकिया बीआरसी पर विरोध प्रदर्शन करते शिक्षक। स्रोत:-जागरूक पाठक
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चकिया। अनिवार्य टीईटी परीक्षा के आदेश के विरोध में शिक्षको ने मंगलवार को दूसरे दिन भी बांह पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। आंदोलन के द्वितीय चरण में शिक्षकों ने विद्यालयों पर पठन-पाठन के दौरान काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। वहीं प्राथमिक शिक्षक जो कि यूपी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे हैं वह भी कार्यरत स्थल पर काली पट्टी बांधकर बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी की।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों सहित प्रमोशन करने वालों को दो वर्ष में टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य करना न्यायोचित नहीं है। कहा कि शिक्षक जब जिस बैच में नियुक्त हुए उस समय की सारी योग्यताएं और अर्हता पूरी करके शिक्षक बने हैं। उन्होंने कहा 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। 26 फरवरी की दोपहर 1 बजे से समस्त शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर बाबूलाल, राजेश पटेल, अनिल प्रताप यादव, अशोक प्रजापति, प्रदीप जैसल, श्याम बिहारी सिंह, जितेंद्र तिवारी, संदीप चौधरी सहित कई शिक्षक थे।