विभिन्न मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षकों का मूल्यांकन कार्य बहिष्कार
बुधवार को तीसरे दिन जारी रहा। पूर्व एमएलसी प्रमोद मिश्र ने डीआईओएस
कार्यालय पर धरनारत शिक्षकों के बीच पहुंचकर जोश भरा। कहा सरकार ने
शिक्षकों से धोखा किया है।
यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा, जब तक प्रदेश सरकार हम सभी की प्रमुख मांगों को शासनादेश के रूप में परिवर्तित नहीं करती।
इस
मौके पर पूर्व एमएलसी ने कहा कि सरकार ने कई बार शिक्षकों से वादे किए,
लेकिन हर बार धोखा देने का काम किया है। प्रदेश सरकार के संवेदनहीनता के
कारण आज शिक्षकों की मांगों पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। इससे साफ
जाहिर होता है कि सरकार शिक्षकों के प्रति संवेदनहीन है।
सरकार से क्षुब्ध
शिक्षकों ने अपनी जायज मांग को लेकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया है
ये बधाई के पात्र हैं। सरकार जब तक मांगों को पूर्ण करने का शासनादेश जारी
नहीं करती है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश सरकार
अड़ियल रवैये के कारण हम सभी को मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करना पड़ रहा
है, जिससे बच्चों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
लेकिन सरकार इस ओर ध्यान
नहीं दे रही है। इस मौके पर कैलाशनाथ सिंह, गुप्तेश्वर सिंह, बृजेश कुमार
सिंह, ओमप्रकाश चौबे, रामजी सिंह, संजय सिंह, मनीष कुमार, रमेश सिंह, दिलीप
कुमार, पवन चौरसिया, त्रिभुवन नारायण सिंह आदि उपस्थित रहे।