मौसम परिवर्तन के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है।
जिला अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि मार्च महीने में मरीजों की जबर्दस्त
भीड़ रही।
बुधवार को पैथालाजी कक्ष में जांच कराने वाले मरीजों का
तांता लगा रहा। इस माह करीब नौ हजार मरीजों ने जिला अस्पताल के ओपीडी में
अपना इलाज कराया।
गौरतलब है कि नए साल के शुरुआत से ही मौसम
में लगातार उतार-चढ़ाव आता रहा है। कभी सर्दी, तो कभी बारिश। मौसम की यह
बेरुखी लोगों की सेहत को रास नहीं आ रही है।
बिन मौसम बारिश से संक्रामक
बीमारियों की चपेट में लोग तेजी से आ रहे हैं। वहीं मच्छरों का प्रकोप
बढ़ने से मलेरिया आदि बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ा है।
इसके अतिरिक्त
टाइफाइड, सर्दी-जुकाम, उल्टी-दस्त आदि से पीड़ित मरीज औसतन प्रतिदिन 700
लोग यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें जिन मरीजों में गंभीर बीमारियों के
लक्षण मिल रहे हैं। चिकित्सक उनका खून, पेशाब और बलगम आदि के नमूनों की
जांच के बाद उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
पैथालाजी सेंटर के
आंकड़े बताते हैं कि प्रतिदिन औसतन 300 लोग के खून आदि के नमूनों की जांच
होती है। इस बाबत पैथालाजी प्रभारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि मार्च महीने
में लगभग नौ हजार मरीजों की जांच की गई। ज्यादा मरीजों में टाइफाइड के
लक्षण मिले।