चंदौली जिले में सोमवार की शाम आई तेज आंधी और गंगा की लहरों के उफान के कारण टांडा-कैथी पीपा पुल टेढ़ा हो गया। सुरक्षा की दृष्टि से घाट दरोगा ने तत्काल पुल पर आवागमन रोक दिया, जिससे करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सावधानी से टला बड़ा हादसा
सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के कारण गंगा में ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे लोहे के पीपे पानी में उछलने लगे और पुल का हिस्सा टेड़ा हो गया। खतरे को भांपते हुए घाट दरोगा दीना सिंह ने कर्मचारियों की मदद से पुल के दोनों छोरों पर रस्सी बांधकर आवागमन बंद करा दिया। हवा का दबाव इतना अधिक था कि पुल के टूटने और बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी।
मनाही के बावजूद जोखिम उठाते दिखे राहगीर
पुल बंद होने के कारण चार पहिया वाहन सवार तो वापस लौट गए या इंतजार करने लगे, लेकिन हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी होते ही दो पहिया वाहन चालक जोखिम उठाकर पुल पार करने की कोशिश करने लगे। कर्मचारियों के मना करने के बावजूद कई राहगीर उछलते हुए पीपों के बीच से रास्ता पार करते दिखे।
एक घंटे बाद बहाल हुई सेवा
शाम 4:00 बजे आंधी थमने के बाद घाट दरोगा ने तत्काल कर्मचारियों को काम पर लगाया। रस्सियों को कसकर पुल को सीधा किया गया और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद आवागमन पुनः सुचारू रूप से शुरू कराया गया।