नौगढ़। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ की ओर से जयमोहनी रेंज कार्यालय के सामने वनकर्मी अपनी मांग पूरा कराने पर अड़े हैं। शुक्रवार को अधिकारियों ने मनाने का प्रयास किया लेकिन तीन घंटे की वार्ता के बाद भी नतीजा कुछ नहीं निकला। वनकर्मी आठ सूत्री मांगों को लेकर पांच दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। इस दौरान दैनिक वेतन भोगी कर्मियों ने वन विभाग के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के डीएफओ महावीर कौजलगी के निर्देश पर दोपहर में पहुंचे उप प्रभागीय वनाधिकारी दिनेश सिंह और धर्मेंद्र सिंह की और से वार्ता के क्रम में समाधान का आश्वासन दिया गया लेकिन दैनिक वेतन भोगी संघ के नेताओं ने सीनियारिटी लिस्ट के अनुरूप वेतन नियमितीकरण को लेकर मौके पर डीएफओ को बुलाने की जिद पर अड़े रहे और उन्हें बैरंग वापस भेज दिया। तीन घंटे तक चली वार्ता में दोनों वनाधिकारियों ने सात मांगों को पूरा करने को तैयार हुए लेकिन विनियमितीकरण कराने की जिद पर अंत तक अड़े रहे। इस अवसर पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। अब आर-पार की लड़ाई होगी। जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने कहा कि उनकी समस्याओं का कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं। धरनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों को राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संरक्षक त्रिवेणी खरवार ने बताया कि उच्चाधिकारी अब तक सिर्फ आश्वासन देते आए हैं। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ रिजवान खान, वन क्षेत्राधिकारी मझगांई इमरान खान के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के जिला संरक्षक रमाशंकर सिंह यादव, जिला संयुक्त मंत्री अफरोज, रामप्रसाद मौजूद रहे।