पीडीडीयू नगर। रामनगर इंडस्टि््रयल एरिया से ली गई कचरी और नमकीन के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। जांच रिपोर्ट में कचरी और नमकीन में सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल किया गया था। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है।
होली के समय लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट अब आई है। अब विभाग की ओर से फैक्टरी संचालकों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। इस बीच इतने दिनों से लोग यहां बने सामान का सेवन करते रहे। वहीं दूसरी अन्य सामानों के नमूने भी कसौटी पर फेल हो गये है। सभी नमूने मानक के विपरीत पाये गये हैं। तीस में सिर्फ 11 नमूने ही पास हो पाये है। विभाग की ओर से सभी को नोटिस भेजा गया। यदि नोटिस मिलने के तीस दिन के अंदर कोई अपील नहीं होती है तो जुर्माने या फिर मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की होली जैसे त्योहारों पर विभाग की सक्रियता बढ़ जाती है। मिलावट खोरों के खिलाफ होली पर खाद्य सुुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से तीस नमूने लिये गये थे। इसमें 16 नमूने फेल हो गये है। सिर्फ 11 नमूने ही पास हुए है। वहीं अभी भी तीन नमूने की रिपोर्ट नहीं आई है। विभागीय अधिकारी के अनुसार फेल हुए 16 नमूनों में तीन नमूने नमकीन और दो नमूने रंगीन कचरी के लिए गए थे। ये रामनगर इंडस्ट्रीयल एरिया के फैक्टरियों से लिए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ही नमूने खाने में असुरक्षित है। इनमें सिंथेटिक कलर की मिलावट की गई थी। वहीं छह नमूने खाेवे, दो नमूने क्रीम, पनीर, घी और बरफी जांच में मानक के विपरीत आये हैं। अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कुुलदीप सिंह ने बताया कि जिनके भी नमूने फेल हुए है उन सभी को नोटिस दी गई है। आवश्यक प्रक्रिया के बाद मुकदमें और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
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नौगढ़ के तिवारीपुर में लिए सैंपल
पीडीडीयू नगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा पिछले दिनों नौगढ़ के तिवारीपुर स्थित एक किराना दुकान दुकान से छह सैंपल जब्त किए गए। अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कुलदीप सिंह ने बताया लगभग दस वर्षो से नौगढ़ क्षेत्र में कभी सैंपल नहींं लिये गये थे। टीम द्वारा तिवारीपुर स्थित एक दुकान से खड़ी हल्दी, हल्दी पाउडर, पेठा, सोनपपड़ी, नमकीन आदि के सैंपल लिये गये है। बताया कि प्रथम दृष्टया सभी सामान निम्न दर्जे के थे, फिलहाल उन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सैंपलिंग के दौरान दुकान संचालक द्वारा टीम से सैंपल छीनने की कोशिश की गई थी। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के बाद सैंपलिंग हो पाई। रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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सिंथेटिक कलर को खाने से होता है कैंसर
पीडीडीयू नगर। खाद्य वस्तुओं में मिलकर सिंथेटिक कलर जब शरीर के अंदर जाता तो अनेक रोगों के कारण बनते हैं। रेलवे अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीएस झा ने बताया कि खाने के सिंथेटिक रंगों में बेंजीन नामक पदार्थ मिलता है। जिसे कार्सिनोजेन के तौर पर जाना जाता है। यही रंग जब हमारे शरीर के अंदर जाता है तो कैंसर और ट्यूमर का कारक बनता है। फूड कलर का ज्यादा उपयोग करने पर अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर की समस्या होती है। यही नहीं सिंथेटिक कलर आपको कई किस्म की एलर्जी दे सकते हैं।