नगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। रेलवे स्टेशन से चकिया त्रिमुहानी तक करीब 990 मीटर लंबे नए पुल के निर्माण का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। इसके लिए सेतु निगम, रेलवे, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और डीएफसीसी की संयुक्त टीम सर्वे पूरा कर चुकी है। अब रेलवे अपने हिस्से की ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार करेगा। इसके बाद सेतु निगम अपने हिस्से का प्रस्ताव तैयार कर दोनों को शामिल करते हुए निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। दरअसल, पड़ाव चौराहे से गोधना मोड़ तक सिक्सलेन और फोरलेन निर्माण परियोजना पर काम चल रहा है। नगर क्षेत्र में फोरलेन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसी क्रम में रेलवे यार्ड पर करीब सौ साल पुराने ओवरब्रिज के स्थान पर नया पुल बनाने की कवायद तेज हुई है। प्रस्तावित पुल पुराने ओवरब्रिज के दोनों ओर बनाया जाएगा। इसके लिए रेलवे की सहमति भी मिल चुकी है। संयुक्त टीम ने प्रस्तावित पुल के दोनों छोर का सर्वे पूरा कर लिया है। अब रेलवे अपने हिस्से की लागत का आकलन करेगा। इसके बाद सेतु निगम अपने हिस्से का ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार करेगा। दोनों विभागों के प्रस्ताव सामने आने के बाद परियोजना की कुल लागत तय होगी। इसी आधार पर केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी भी निर्धारित की जाएगी।
पहले भेजी जा चुकी है 270 करोड़ की कार्ययोजना
पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और सेतु निगम की ओर से जुलाई में करीब 270 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी जा चुकी है। हालांकि, रेलवे का एस्टीमेट आने के बाद लागत में संशोधन हो सकता है। दोनों विभागों की लागत सामने आने के बाद परियोजना का अंतिम खाका तैयार होगा।
मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं एलिवेटेड पुल का आश्वासन
17 जुलाई 2025 को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलिवेटेड पुल बनाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सेतु निगम ने करीब 440 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी थी, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। अब रेलवे और सेतु निगम की ओर से नए सिरे से ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार किए जाने के बाद परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
वर्जन
रेलवे यार्ड पर पुल बनाने के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब रेल विभाग को अपने हिस्से की ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार करना है। इसके बाद निगम अपने हिस्से का ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार कर उसे परियोजना में शामिल करेगा। धनराशि उपलब्ध होने के बाद पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।
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आरके रावत, अधिशासी अभियंता, सेतु निगम।