पीडीडीयू नगर। जिले के पारंपरिक व्यंजनों को पहचान दिलाने और उनसे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए शासन से 45 लाख रुपये की सब्सिडी राशि आवंटित की गई है। एक जनपद-एक व्यंजन वित्त पोषण सहायता योजना के तहत चयनित गुलाब जामुन, लस्सी और काले चावल की खीर के कारोबार से जुड़े उद्यमियों को बैंक से ऋण लेने पर इसका लाभ दिया जाएगा।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र को योजना के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत गुलाब जामुन, काले चावल की खीर और लस्सी से संबंधित उद्यम शुरू करने या पहले से संचालित कारोबार का विस्तार करने के इच्छुक व्यवसायियों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण पर निर्धारित मानकों के अनुसार मार्जिन मनी के रूप में सब्सिडी दी जाएगी।
योजना के तहत 25 लाख रुपये तक के ऋण पर परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये, जो भी कम होगा, सब्सिडी दी जाएगी। 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं में 6.25 लाख रुपये या परियोजना लागत का 20 प्रतिशत, जो भी अधिक होगा, मार्जिन मनी के रूप में मिलेगी। 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जो भी अधिक होगा, देय होगा। वहीं 1.50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 लाख रुपये, जो भी कम होगा, मार्जिन मनी के रूप में दी जाएगी।
उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश ने बताया कि योजना का लाभ केवल एक जनपद-एक व्यंजन में चयनित उत्पादों से जुड़े उद्यमियों को मिलेगा। आवेदन के बाद बैंक ऋण स्वीकृत करेगा और विभाग की ओर से सब्सिडी की राशि बैंक को भेजी जाएगी। लाभार्थी को उद्यम का कम से कम दो वर्ष तक सफल संचालन करना होगा। उन्होंने बताया कि शासन से 45 लाख रुपये की सब्सिडी राशि प्राप्त हुई है। उद्यमियों को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।