क्षेत्र स्थित भूपौली पंप नहर के टेल पर नहर का तटबंध टूट जाने से किसानों की लगभग एक सौ बीघा गेहूं की फसल जलमगभन हो गई।
इससे नाराज राम रुपदासपुर के किसानों ने मौके पर पहुंचकर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रदर्शनकारियों का आरोप है कि गेहूं की बोआई के समय टेल के किसानों को पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जैसे तैसे किसानों ने अपने खेतों में गेहूं की बोआई कर ली। लेकिन बुधवार की देर रात नहर का तटबंध टूट जाने से उनकी एक सौ बीघा फसल जलमगभन हो गया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि यदि विभाग भूपौली पंप नहर और वीरासराय लघुडाल नहर के बीच स्थित ड्रेन पर फाटक का निर्माण करा देता तो किसानाें का खेत आज पानी की तबाही से बच जाता।
कहा कि इस संबंध में मूसाखाड़ और बंधी डिवीजन के अवर अभियंताओं से मिल कर उन्हें अवगत भी कराया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारी किसानों ने चेताया कि यदि 10 दिन में ड्रेन पर फाटक निर्माण नहीं कराया जाता तो वह जोरदार प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हाेंगे।
प्रदर्शन करने वालाें में सारनाथ चौरसिया, विनोद कृष्ण पांडेय, बहादुर यादव, बहादुर राय, विनोद चौबे, अमरनाथ पांडेय, रिषु पांडेय, साधु मौर्य, संदीप विश्वकर्मा समेत काफी संख्या में अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी रही।