पीडीडीयू नगर। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को अब प्रतिदिन प्रार्थना के बाद पांच से सात मिनट तक ध्यान लगाकर बैठना होगा। इससे बच्चों में तनाव कम होगा, स्मरण शक्ति बढ़ेगी और चिंता से मुक्त होंगे। विद्यालयों में प्रार्थना के लिए 15 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद राष्ट्रगान कराया जाएगा। फिर बच्चों को ध्यान लगाने के लिए बैठाया जाएगा।
विद्यालयों में प्रार्थना प्रतिदिन बदल-बदल कर कराई जाएगी। एक ही प्रार्थना अब रोज नहीं होगी। प्रार्थना सभा और ध्यान का कार्यक्रम विद्यालय में प्रतिदिन निश्चित समय पर अनिवार्य रूप से कराना होगा। इसमें अगर शिथिलता बरती जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षक उत्तरदायी ठहराए जाएंगे। इस आदेश के क्रियान्वयन के लिए बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि प्रधानाध्यापक प्रार्थना स्थल पर उपस्थित शिक्षकों एवं बच्चों का एक या दो फोटो प्रतिदिन लेकर खंड शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। उस फोटोग्राफ को अपने टैबलेट में भी सुरक्षित रखेंगे। विद्यालय निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित किए जाएंगे। बीएसए सचिन कुमार का कहना है कि सभी प्रधानाध्यापकों को प्रार्थना सभा और ध्यान विद्यालयों में रोजाना निश्चित समय पर कराने के निर्देश दिए गए है।