पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में कदम-कदम पर बाधा आ रही है। परीक्षा को लेकर ऊहापोह की स्थिति अभी भी बरकरार है। हालांकि शासन ने हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त कर दी है लेकिन इंटर बोर्ड की परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पंचायत चुनाव के कारण सात अप्रैल को संशोधित टाइम टेबल के अनुसार 12वीं की परीक्षा आठ मई से शुरू करने का फैसला हुआ था लेकिन इसके एक सप्ताह बीतने के बाद कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ गई।
इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बहुतेरों को उम्मीद है कि परीक्षा निरस्त कर सभी को उत्तीर्ण कर दिया जाएगा। इसको लेकर विद्यार्थी वर्ग में अलग-अलग राय है। जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा की मेहनत कर तैयारी की थी, उन्हें इस बात का मलाल रहेगा कि उनका मूल्यांकन भी सामान्य परीक्षार्थियों की तरह किया गया है। वहीं कम पढ़ाई करने वाले यह सोचकर खुश हैं कि वे अगली कक्षा में प्रवेश के लिए पास कर दिए जाएंगे। स्थिति को लेकर अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। परीक्षा न होने से उन्हें यह पता नहीं चल पाएगा कि परीक्षा को लेकर उनके बच्चे की तैयारी किस स्तर की थी। परीक्षा को लेकर बनी ऊहापोह की स्थिति से अधिकांश छात्र-छात्राओं में निराशा है। उनकी समझ नहीं आ रहा है कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें या अगली कक्षा की पढ़ाई करें।
परीक्षा टलने को बहुत सुखद नहीं कहा जा सकता लेकिन कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए यह निर्णय अच्छा है। परीक्षाएं जरूर संपन्न होनी चाहिए क्योंकि बिना मूल्यांकन के विद्यार्थियों की मेहनत का कोई महत्व नहीं है। परीक्षा नहीं होने से मेहनत और लगन से तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं पर अच्छा असर नहीं पड़ेगा। डॉ. महेंद्र कुमार पांडेय, प्रधानाचार्य, नगर पालिका इंटर कालेज, पीडीडीयू नगर।
परीक्षा टलने से वैसे तो कोई नुकसान तो नहीं लेकिन अगली कक्षा की पढ़ाई में देरी होने की संभावना है। वही परीक्षा के लिए की गई पूरी तैयारी के बेकार होती दिख रही है। सूरज कुमार, छात्र
परीक्षा में देरी होने से आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने में दिक्कत हो रही है। परीक्षा की तारीख आगे बढ़ते रहने से अनिश्चितता बढ़ गई है। चिंता है कि कब परीक्षा होगी। रुद्र कुमार, छात्र
परीक्षा टलने से निराशा हुई है। बोर्ड परीक्षा में देरी होने से एक ही सबजेक्ट बार-बार पढ़ने पड़ रहे हैं। आगे की कक्षाओं के प्रवेश की तैयारी में बाधा आ रही है। हालात सामान्य होने पर परीक्षा अवश्य कराई जानी चाहिए। आकाश यादव, छात्र