चार सूत्री मांगों के समर्थन में छात्रों और किसानों ने रविवार को स्थानीय राजकीय महाविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया। बाद में अव्यवस्था के प्रतीक पुतले की शवयात्रा निकाली और शहीद स्मारक स्थल पर पहुंच कर दहन किया।
इसके पूर्व हुई सभा में वक्ताओं ने किसानों को आपदा राहत देने, धानापुर के माधवपुर में मेडिकल कालेज खुलवाने, शहीद हीरा सिंह राजकीय महाविद्यालय में इसी सत्र से पीजी कक्षा संचालित करने, सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर किसानों को लाभ दिलाने की मांग की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और छात्रों के हित से खिलवाड़ कर रही है। एक तरफ तो केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों ही किसानों की हितैषी बन रही है लेकिन अब तक किसानों को आपदा राहत का चेक न मिलना विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार वंचित किसानों को आपदा एवं सूखा राहत चेक क्यों नहीं बांट रही है। अब तक केंद्र और प्रदेश सरकार ने कितनी धनराशि आपदा राहत के नाम पर दी है। कहा कि आखिर क्या कारण है कि धन आवंटित होने और मेडिकल कालेज को मंजूरी मिलने के बाद भी इसका निर्माण शुरू नहीं किया गया। सभा के बाद चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन करेंगे। इस दौरान काफी छात्र व किसान मौजूद रहे। इस आंदोलन की अगुवाई समाजसेवी अंजनी सिंह ने की।