चंदौली। जिले में छह दिनों के भीतर सात कोरोना संदिग्ध पाए जाने के बाद जिला प्रशासन हर स्तर से निगरानी रख रहा है और वहां स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सफाई कर्मी और पुलिस तैनात की गई है। जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग के लोगों की टीम गांव पहुंचकर स्क्रींनिंग व सेनीटाइज कराने में जुटी है। वहां चिकित्सकों की टीम गांवों में पहुंचकर लोगों की स्क्रींनिंग के साथ सफाई कर्मी गांवों की गलियों व मुहल्लों में जाकर सफाई करने के साथ ही सेनीटाइज कर रहे है।
जिले में मोइनुद्दीनपुर, बिसौरी, बेन, रामाशाला, रघुनाथपुर और जसूरी गांव को हाट स्पाट बनाया गया है। सोमवार को स्वास्थ्य टीम सदर विकास खंड के रघुनाथुपर गांव में लोगों की स्क्रींनिंग कर सेनीटाइज कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई। वहीं जसुरी, रामशाला, बेन, बरंगा, बिसौरी, मैनीद्दीनपुर गांव पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रशासनिक अधिकारी गांव के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे है।
जनपद में कोरोना संक्रमण के सात मरीज होने के बाद जिला प्रशासन गंभीर है। सदर विकास खंड के रघुनाथ पुर गांव में चिकित्सकों की टीम सोमवार को लोगों की स्क्रींनिंग की। इसमें परदेसी राव ,दिनेश पाठक , नीरज कुमार, मंराजी पाल, एएनएम सुषमा यादव सहित कुल 15 टीमें थर्मल स्कैनिंग की। इसकी मानिटरिंग प्रभारी चिकित्साधिकारी डा पी पी उपाध्याय कर रहे हैं। वहीं कोरोना पॉजिटिव के मरीजों के गांवों में भी सफाई व दवा का छिड़काव किया किया जा है। लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही गांवों में बांस व बल्ली के माध्यम से बैरिकेडिंग कर बाहरी लोगों को घुसने नहीं दिया जा रहा है। गांव के लोगों को जरूरत की सामानों को जिला प्रशासन की ओर से मुहैया कराया जा रहा है।
समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जताया विरोध
नियामताबाद। विकासखंड के सुरौली गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को गांव की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुरौली ग्राम पंचायत के मैनुद्दीनपुर में कोरोना पॉजिटिव के मिलने से गांव को हॉटस्पाट घोषित कर गांव की नाकाबंदी कर दी गई है। इसके बाद गांव को न तो सैनिटाइज किया गया और न ही मास्क का वितरण किया गया। आरोप लगाया कि दुकानें बंद होने के कारण ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं की भी घोर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आटा के अभाव में ग्रामीण सिर्फ चावल ही खाने को विवश हैं। विरोध जताने वालों में सुरेंद्र पाठक, उमेशनंद पाठक, सरोज पाठक, सौरभ पाठक, गिरिजा सिंह, जयसिंह आदि शामिल रहे।
जांच को लगी लाइन, 18 के नमूने जांच के लिए भेजे
चंदौली। कोरोना वायरस के संक्रमण की जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिन रात मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में बाहर से आए संदिग्ध प्रवासियों की जांच की जा रही है। सोमवार को 400 से अधिक लोगों की स्क्रींनिंग ही की गई। वहीं 18 लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए वाराणसी को भेजा गया। वहीं अभी तक पूर्व की रिपोर्ट के आने का इंतजार है।
कोराना वायरस के संक्रमण की जाचं के लिए जिला मुख्यालय के पंडित कमलापित त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल में संदिग्धों की जांच के लिए आईसोलेशन व जांच केंद्र की स्थापना की गई है। जहां बोाहर से आए प्रवासी की स्क्रींनिंग की जा रही है और संदिग्ध मिलने पर उनका सैंपल लेकर उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है, ताकि कोरोना का संक्रमण अन्य लोगों में न फैलने पाए। वहीं एंबुलेंस कर्मी भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से संदिग्धों को जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड लेकर पहुंच रहे है, जहां उनका सैंपल चिकित्सकों की ओर स्क्रींनिंग के बाद लिया जा रहा है। साथ ही जरूरी होने पर उक्त जिला अस्पताल में ही को क्वारंटीन किया जा रहा है।
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रिपोर्ट- राकेश चंद्र यादव