इलिया के उसरी में टेंट में क्वारंटिन मुंबई से आए श्रमिक।
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इलिया। जिले में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद लोगों में इस कदर भय है कि बाहर से आने वाले श्रमिकों को ग्रामीण अब गांव में घुसने नहीं दे रहे है। श्रमिकों के प्रति किए जा रहे रवैये को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी उदासीन हैं। चकिया थाना क्षेत्र के उसरी गांव के ग्रामीणों के विरोध के चलते पांच दिनों तक खेत में तपती धूप और लू के थपेड़े के बीच टेंट में रह रहे श्रमिकों की बेबसी पर सोमवार को एसडीएम चकिया ने सुधि ली। इसके बाद उन्होंने चारों श्रमिकों को गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रहने की व्यवस्था की।
चकिया थाना क्षेत्र के उसरी गांव के एक ही परिवार के चार लोग 14 मई को ट्रेन से जौनपुर आए। इसके बाद उसी दिन वहां से रोडवेज बस से सभी को चंदौली भेजा गया। चंदौली से सभी लोग ट्रक से चकिया आए। इसके बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय में जांच कराने के बाद अपने गांव उसरी आ गए। गांव में घुसते ही ग्रामीणों ने उन्हें गांव में घुसने से रोक दिया। श्रमिकों का कहना रहा कि उन्हें गांव में बने क्वारंटीन सेंटर में रहने दिया जाए। जिसपर ग्रामीणों ने कहा कि गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बनाए क्वारंटीन सेंटर की बाउंड्रीवॉल टूटी हुई है और बच्चे खेलते हुए अक्सर वहां चले जाते है। स्कूल की टूटी हुई बाउंड्रीवॉल के कारण ग्रामीणों के विरोध करने पर चारों लोग गांव के बाहर एक खेत में टेंट लगाकर रहने को विवश थे। पांच दिनों तक तपती धूप और लू के थपेड़ों के बीच रहने के बाद सोमवार को एसडीएम चकिया सीपू गिरी के पहुंचने के बाद उन्हें गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में रहने की व्यवस्था की गई।