नौगढ़ क्षेत्र में आंधी के कारण बिजली के करीब 75 खंभे और 125 पेड़ उखड़कर गिर गए। कई घरों और दुकानों के टिन शेड भी उड़ गए। बृहस्पतिवार को दिनभर विद्युत निगम के कर्मचारी बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
नौगढ़ ब्लॉक में आंधी- बारिश से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। 75 बिजली के खंभे गिरने से 122 गांवों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे से ठप रही।
इसके अलावा सात ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ा। मोबाइल चार्ज न होने के कारण लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर सके। बृहस्पतिवार को उमसभरी गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। वहीं, जयमोहनी रेंज में करीब 50, नौगढ़ रेंज में 40 और मझगाई रेंज में 35 पेड़ धराशायी हो गए। इलिया क्षेत्र के बनरसिया गांव निवासी बाबूलाल प्रजापति ने बताया कि उनके घर के पास सिवान में जल रही आग की चिंगारी तेज हवा के साथ घर तक पहुंच गई।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा मकान इसकी चपेट में आ गया। घर में रखे करीब 90 हजार रुपये नकद, लगभग 10 क्विंटल राशन, बर्तन, चार चारपाइयां, चौकी, भूसा सहित पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घर में बंधी एक पड़िया गंभीर रूप से झुलस गई, जबकि एक बछड़ा जिंदा जल गया।
पशुओं को बचाने का प्रयास कर रहे बाबूलाल प्रजापति के 26 वर्षीय पुत्र रजनीकांत प्रजापति भी गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने बाल्टी, पाइप और मोटर के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। सूचना पर इलिया थाना पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल रजनीकांत को जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
आग लगने की सूचना पर पहुंचे लेखपाल अखिलेश कुमार ने मौके का निरीक्षण कर क्षति का आंकलन किया और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दिया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हौसिला यादव समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आवास, आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।