वाराणसी जेल में सोमवार को हुई मुन्ना पासवान की मौत की निष्पक्ष जांच की
मांग को लेकर परिवार तथा काफी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने मंगलवार की
सुबह करीब आठ बजे चकिया तिराहे के समीप उसके शव को सड़क पर रखकर जाम लगा
दिया।
तीन घंटे बाद करीब 11 बजे मौके पर पुलिस बल के साथ मौके पर
पहुंचे एसडीएम और क्षेत्राधिकारी सदर ने परिवार वालों को समझा बुझाकर तथा
उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए जाम समाप्त कराया।
गौरतलब है कि
अलीनगर कोतवाली क्षेत्र के कूढ़ेकला गांव निवासी मुन्ना पासवान को गत 21
अप्रैल को चौकीदार की हत्या कर डकैती डालने के आरोप में बीते 29 अप्रैल को
पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे वाराणसी जेल भेज
दिया गया।
मृतक मुन्ना की मां मधुरानी देवी का कहना था कि बीते 26 मई को जब
वह चंदौली की कचहरी गया था, तो वह उससे मिली थी और उसकी हालत बिल्कुल ठीक
थी। उसने कहा भी था कि वह शीघ्र ही जमानत पर रिहा हो जाएगा। फिर अचानक उसके
आत्महत्या करने की बात गले नहीं उतरती।
बेटे के मौत की निष्पक्ष जांच की
मांग करते हुए व शासन के नियमानुसार आर्थिक मदद की गुहार लगाते हुए मंगलवार
को परिवार वाले स्थानीय लोगों के साथ शव लेकर चकिया तिराहे पर पहुंचे और
शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। करीब 11 बजे कोतवाली पुलिस संग मौके पर
पहुंचे एसडीएम मुगलसराय गिरीश कुमार शर्मा और क्षेत्राधिकारी सदर श्याम देव
ने पीड़ित परिवार वालों को समझाया।
कहा. इस मामले में उचित कार्रचाई कर
प्रशासनिक मदद की जाएगी। तब जाकर लोगों ने चक्का जाम समाप्त किया। इस दौरान
पीड़ित परिवार के अलावा स्थानीय लोग रहे।