स्थानीय बाजार में चाइल्ड फंड इंडिया प्रोजेक्ट और मानव सेवा केंद्र के
तत्वावधान में मानव सेवा केंद्र कार्यालय परिसर में सोमवार को आयोजित
प्रशिक्षण शिविर में अभिभावकों को बच्चों के अधिकार और कर्तव्य के बारे में
बताया गया। इस दौरान बच्चों के भरपूर विकास पर बल दिया गया।
शिविर
में संस्था के निदेशक जगतनारायन सिंह ने कहा कि बच्चों को स्नेह मिले और
उनके बीमार होने पर दवा, बड़े होने पर उचित शिक्षा व भोजन मिले, यह परिवार
की जिम्मेदारी है। बच्चों के अधिकारों के हनन से बच्चों का समुचित विकास
नहीं हो पाता है। अधिकतर लोग छोटे बच्चों पर अपना गुस्सा उतारते हैं।
यह
गलत है। बच्चा छोटा हो अथवा बड़ा, उनकी बातें सुननी चाहिए। ऐसा न करने पर
बच्चों की मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कोआर्डिनेटर मंगल
देव सिंह ने कहा कि घर में बच्चों के साथ सहभागिता के साथ उनकी बातों को
भी सुने। उन्हें विकास करने का मौका देना चाहिए। सुधा सिंह ने बाल अधिकार
कानून के जरिए बच्चों पर हो रहे जुल्म, अपराध, अपहरण तथा व्यभिचार रोकने का
आह्वान किया।
उन्होंने उनकी सुरक्षा के लिए सजग रहने को कहा। क्योंकि
बच्चों का मन कोमल होता है। उन्हें सुरक्षित वातावरण में रखना बच्चों का
कानूनी अधिकार भी है। इस दौरान नुनवट, कर्माबांध, कोठी घाट आदि गांवों के
युवक-युवतियां मौजूद रहे। प्रशिक्षण में पंचमिला, मनीष, रामकेश आदि रहे।