वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने भी मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने जारी बयान में कहा कि चंदौली की धरती पर आकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करना भाजपा की राजनीतिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
मनोज सिंह काका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री से मांग की कि यदि राजनीतिक नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है तो ऐसे बयान देने वाले मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मंगाई जाए, ताकि लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा बनी रहे।
उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष विपक्षी नेताओं के प्रति इसी तरह की भाषा और रवैया अपनाता रहा तो जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी। मंत्री के बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।