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UP: राज्यमंत्री के बिगड़े बोल, अखिलेश को कहा ससुरा; बोले- लुंगी और टोपी वालों के वोट बैंक के लिए काम कर रहा

Wed, 08 Jul 2026 10:00 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।

सार

Chandauli News: चंदौली दौरे पर मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने कब्रिस्तानों के लिए बाउंड्री कराई, लेकिन श्मशान घाटों की अनदेखी की। बयान के दौरान मंत्री ने विवादित टिप्पणी भी की, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
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राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार स्टांप, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग रविंद्र जायसवाल। - फोटो : अमर उजाला
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UP Politics: प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने बुधवार को चंदौली दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल एक विशेष वर्ग के वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। इस दौरान उनकी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा भी शुरू हो गई।

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रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि जब वह विधायक थे और अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब सरकार मुसलमानों के कब्रिस्तानों की बाउंड्री कराने का प्रस्ताव लेकर आई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री कराई जा रही है तो हिंदू समाज के श्मशान घाटों का भी समान रूप से विकास और संरक्षण किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि उस समय सरकार ने श्मशान घाटों के लिए धनराशि उपलब्ध नहीं कराई।

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राज्यमंत्री ने कहा कि तत्कालीन सरकार की प्राथमिकता केवल कब्रिस्तान तक सीमित थी, जबकि श्मशान घाटों की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है।

राम मंदिर के मुद्दे का जिक्र करते हुए रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े विषयों को बार-बार उठाकर पुराने घावों को कुरेदने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव एक विशेष समुदाय के वोट बैंक को ध्यान में रखकर बयानबाजी कर रहे हैं।

मंत्री की टिप्पणी में कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग हुआ, जिसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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