राज्यमंत्री ने कहा कि तत्कालीन सरकार की प्राथमिकता केवल कब्रिस्तान तक सीमित थी, जबकि श्मशान घाटों की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है।
राम मंदिर के मुद्दे का जिक्र करते हुए रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े विषयों को बार-बार उठाकर पुराने घावों को कुरेदने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव एक विशेष समुदाय के वोट बैंक को ध्यान में रखकर बयानबाजी कर रहे हैं।
मंत्री की टिप्पणी में कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग हुआ, जिसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।