फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटे-बेटियों में भेद करना गलत

Sun, 25 Jan 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन
बेटों और बेटियों में भेद करना गलत है। इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए हम सभी को अपने घर से शुरुआत करनी होगी। गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण और गर्भपात कराना कानूनन अपराध है,  ऐसा नहीं करना चाहिए। यह बातें डीएम एनके सिंह ने शनिवार को सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित सास-बहू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भारत में पुरुषों की जनसंख्या के सापेक्ष लड़कियों की घटती संख्या चिंता का विषय है। लोग लड़कों की चाहत में गर्भ में पल रही बेटियों की हत्या कर रहे हैं। लोगों को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। संतुलन को बनाए रखने के लिए लड़कियों को लड़कों के समान दर्जा देना होगा।

जिला प्रबंधक एनआरएचएम डा. आरबी यादव ने कहा कि सरकार आशा, एएनएम कार्यकर्ताओं को गांवों में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। बेटियां को बचाने के साथ ही उन्हें शिक्षित करना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें