पीडीडीयू नगर। बादलों की लुका छिपी के बीच रविवार को सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखा। इसे देखने के लिए युवाओं में उत्साह रहा। युवाओं ने काला चश्मा पहन कर और एक्स रे शीट के सहारे सूर्य ग्रहण का अद्भूत नजारा दिखा। वहीं सूर्यग्रहण के दौरान मंदिरों के गर्भगृह बंद रहे। ग्रहण के मोक्ष होने पर घरों में लोगों ने स्नान ध्यान किया और दान पुण्य किया।
सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक के साथ हिंदू संस्कृति में अत्यधिक महत्व है। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को भारत में दिखाई देने वाला इस साल का सबसे पहला सूर्यग्रहण पड़ा। इसको लेकर लोगों में उत्साह और भक्ति का मिश्रित भाव दिखा। नगर के जायसवाल स्कूल रोड निवासी पं. संतोष तिवारी और चतुर्भुजपुर निवासी कुंज बिहारी मिश्र ने बताया कि ग्रहण का सूतक शनिवार की रात साढ़े दस बजे से शुरू हो गया। रविवार को ग्रहण की शुरूआत सुबह साढ़े दस बजे से हुई। दोपहर 2.04 पर इसका समापन हुआ। विभिन्न टीवी चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण दिखाया गया। लोगों ने टीवी पर इसके बारे में जानकारी ली और इसके बाद छतों और खुले स्थानों पर पहुंच कर काला चश्मा, एक्स रे शीट के सहारे सूर्य ग्रहण के विभिन्न आयामों को देखा। हालांकि बादलों की लुका छिपी से नजारा लेने में परेशानी हुई। दूसरी तरफ ग्रहण का सूतक लगते ही देवालयों के कपाट बंद कर दिए गए। सुबह दर्शन पूजन नहीं किया गया। घरों में भी ग्रहण के दौरान खाना पीना नहीं बनाया गया। बैठकर लोगों ने भजन कीर्तन किया। सूर्यग्रहण की समाप्ति के बाद भक्तों ने स्नान ध्यान किया और दानपुण्य कर लाभ कमाया। चहनियां संवाददाता के अनुसार ग्रहण के बाद पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट पर स्नान ध्यान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने स्नान ध्यान कर दान किया।