फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साठ झोपड़ियों को किया गया ध्वस्त, खटाल भी हटाए

Sun, 04 Sep 2016 01:35 AM IST
chandauli
विज्ञापन
जेसीबी मशीन द्वारा अतिक्रमण हटवाते आरपीएफ के जवान - फोटो : chandauli
विज्ञापन
रेलवे भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को रेलवे ने अभियान चलाया। रेलवे सुरक्षा बल मानसनगर पोस्ट, अलीनगर थाने की पुलिस के साथ रेलवे के अधिकारियों की टीम ने सुबह 10 बजे से तीन बजे तक जेसीबी से अतिक्रमण कर बनाए गए झोपड़ियों को गिरा दिया। अभियान में रेलवे क्वार्टरों के बीच चलाए जा रहे खटाल को भी हटाया गया। अभियान से अतिक्रमणकारियों में खलबली रही।  रेलवे कालोनियों में अतिक्रमण की लगातार शिकायतेें मिल रही थी। रेलवे कालोनियों की खाली भूमि पर जहां अतिक्रमण कर झोपड़ियां बनाकर बाहरी लोग रह रहे हैं वहीं रेलवे क्वार्टरों के समीप ही पशुपालन भी किया जा रहा है। यही नहीं दूकान आदि लगाकर व्यावसायिक गतिविधियों का भी संचालन किया जा रहा है। रेलवे ने लगातार शिकायतों के बाद इसे हटाने का फैसला किया।
विज्ञापन


मानसनगर पोस्ट प्रभारी केएन तिवारी के नेतृत्व में आरपीएफ जवानों के साथ अलीनगर थाने की पुलिस, मंडल के डीईएन हेड क्वार्टर एसके राय, एईएन कालोनी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से रेलवे ओवरब्रिज के नीचे मान सरोवर तालाब के किनारे इंडेन गैस गोदाम के पास बने झोपड़ियों को हटाने की शुरूआत की गई। जेसीबी पहुंचते ही झोपड़ियां लगाकर रह रहे लोगों में खलबली मच गई। अत्यधिक फोर्स होने की वजह से कोई विरोध नहीं कर सका। लोगों ने झोपड़ियों से सामान निकाला, जेसीबी झोपड़ियों को हटाते हुए  मानस नगर कालोनी में क्वार्टर संख्या 1281 के पीछे चल रहे खटाल को हटाया। इस दौरान अतिक्रमण हटाए जाने की खबर मिली तो आसपास के अन्य अतिक्रमणकारी या तो भाग खड़े हुए या फिर अपने अतिक्रमण खुद ही हटा लिए।

जबकि अतिक्रमण की कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के काफी लोग वहा जमा हो गए थे। वहीं मानसनगर पीएचसी के पीछे चल रहे खटाल को भी हटाया। दोपहर तीन बजे तक अभियान चला। स्‍थानीय लोगाें ने अतिक्रमण हटाए जाने को सही बताया। कहा कि लगातार अतिक्रमण से वह भी परेशान थे। इस संबंध में डीईएन हेडक्वार्टर एसके राय ने बताया कि बहुत दिनों से अतिक्रमण की शिकायत मिल रही थी। खटाल संचालकों को चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन अतिक्रमण न हटाने पर अभियान चलाया गया। बताया कि इस तरह के अभियान लगातार चलते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें