स्थानीय तहसील सभागार में मंगलवार को मंडलायुक्त वाराणसी की अध्यक्षता में
तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान तहसील दिवस में पूर्व के पडे़
शिकायती पत्रों के निस्तारण में लापरवाही पर छह अधिकारियों को चेतावनी दी
गई।
साथ ही तहसीलदार द्वारा गलत रिपोर्ट लगने पर कमिश्नर ने
तहसीलदार से न्यायिक कार्य को छीन लिया और उनके स्थानांतरण का निर्देश
एसडीएम को दिया। इस दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची रही। इस
दौरान 58 में से केवल एक मामले का निस्तारण किया गया।
तहसील दिवस में
मंगलवार को मंडलायुक्त वाराणसी मंडल आरएम श्रीवास्तव व डीआईजी एसके भगत
तकरीबन बारह बजे पहुंचे। कमिश्नर ने अधिकारियों व फरियादियों से कहा कि जिस
विभाग के खिलाफ शिकायती प्रार्थनापत्र दे रहे हैं, उसी विभाग के अधिकारी
के पास खुद जाएं।
इसके बाद उन्होंने नायब तहसीलदार को सभागार गेट पर खड़े
होकर फरियादियों को विभाग के बारे में बताने को कहा। कमिश्नर ने इस दौरान
पूर्व के पड़े शिकायती प्रार्थना पत्रों की जांच शुरू की। जिसमें उन्होंने
जलनिगम अधिशासी अभियंता को हैंडपंप रिबोर करने में देरी पर फटकार लगाई।
बाद
में उन्होंने राजस्व विभाग के प्रारम्भिक धारा 141 के तहत पड़े कुल 114
शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में देरी किए जाने वाले राजस्व
निरीक्षक सकलडीहा, धानापुर, चहनिया व कमालपुर की जमकर क्लास ली।
वहीं एक
अन्य मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा बिना जांच किए मामला निस्तारण
की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
इसी तरह कमिश्नर ने
तहसीलदार वीरेन्द्र कुमार राय से बैनामे में विक्रेता के नाम को खतौनी में
दर्ज न किए जाने व आपत्ति के बाद भी मामला जांच बिना निस्तारण किए जाने पर
तहसीलदार से न्यायिक कार्य छीन लिया।