कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हृदयपुर नयापर गांव में कच्ची शराब पीने से बुधवार
को दो युवकों की मौत के बाद परिवार वालों को मुआवजा देने की मांग पर
ग्रामीणों ने शुक्रवार को बेमियादी धरना शुरू किया।
साथ ही जल्द ही
मुआवजा न मिलने पर सामूहिक अनशन की चेतावनी दी गई। ग्रामीणों ने निजी
अस्पताल में भर्ती दोनों युवकों के इलाज की भी व्यवस्था प्रशासन से करने की
मांग की।
शराब पीने से हृदयपुर नैयापर गांव के चार युवक तेरह
अक्तूबर को बीमार हो गए। जिसमें बुधवार की रात में दो युवकों की मौत हो
गई, जबकि दो युवकों का इलाज निजी अस्पताल में हो रहा है।
घटना के बाद गांव
में एसडीएम, सीओ आदि लेखपाल की टीम के साथ गांव में पहुंचे। डीएम और एसपी
ने निजी अस्पताल में पहुंच कर बीमारों का हाल चाल लिया। बावजूद इसके अब तक
किसी ने मुआवजा देने की बात नहीं की। दूसरी तरफ प्रशासन के लोग इस मौत को
फूड प्वाजनिंग बता रहे हैं।
इन बातों से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को
पंचायत बुलाई। पंचायत में सर्वसम्मति से रेमा गांव में बन रही शराब पर रोक
लगाने की मांग की।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि एक तरफ तो जनपद
में कच्ची शराब बन रही है, उस पर रोक नहीं लगाई जा रही है। वहीं इसी शराब
को पीकर असमय काल के गाल में समाने वालों को मुआवजा तक नहीं मिल पाया है।
धरने में राजेश, बबलू कुमार, अशोक कुमार, रामजी, संजू, पुनवासी, अजय,
धर्मेन्द्र, महेन्द्र प्रताप, संतोष, जीरा देवी, चंद्रा, लक्ष्मी, रमदेई,
लाखी देवी, रामरती देवी, शांति देवी, विरंजी देवी, चंदा देवी, भगवंती,
किरन, हीरामनी, बिंदू, निशा, पुष्पा, सूखा, लौंग देवी, रामदुलारी, नीलम आदि
रहीं।
बसमती देवी, हिरावती, मालती, नगीना आदि रहे।