पड़ाव के बहादुरपुर में कथा सुनतीं महिलाएं। संवाद
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पड़ाव। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में चल रही शिव महापुराण की कथा में शुक्रवार को व्यास अखिलानंद ने शिव के नाम की महिमा का वर्णन किया। कहा कि कलियुग में शिव का नाम लेने से जीव शिव को प्राप्त कर लेता है। जो लोग सदाशिव का जप करते रहते हैं, पाप उनका स्पर्श तक नहीं करता।
व्यास ने कहा कि जब व्यक्ति शिवाय नमस्तुभ्यं अर्थात् हे शिवजी आपको मेरा नमस्कार है, कहता है, तब उसका मुख संपूर्ण पापों का नाश करने वाला तीर्थ के समान हो जाता है। शिव का नाम भस्म, रुद्राक्ष, विभूति तीनों त्रिवेणी के समान परम पावन है। त्रिवेणी के समान फल देने वाले हैं।
इनके शरीर में भस्म, रुद्राक्ष तथा विभूति यह तीनों सर्वदा रहती हैं। उनके दर्शन से मनुष्य त्रिवेणी स्नान का फल प्राप्त करता है। भगवान शिव का नाम ही गंगा है विभूति यमुना मानी गई है तथा रुद्राक्ष को पापनाशिनी सरस्वती कहा गया है।
इस मौके पर कांति जायसवाल, शेखर जायसवाल, निधि जायसवाल, अनिल गुप्ता गुड्डू, अजय राठौड़, यज्ञ नारायण सिंह, मनोज श्रीवास्तव आदि थे।